अलंकार - Alankar

दुःख है और मैं सत्य का उपदेश करुंगा जिसमें तुमको उसके अस्तित्व का विश्वास हो जाए और तुम आज्ञाकारी बालक के समान उसकी आज्ञा पालन करो।'

टिमाक्लीज ने बात काटकर कहा-'नहींनहीं, मेरे सिर अपने धर्मसिद्घान्तों का बोझ मत लादो। इस भूल में न पड़ो कि तुम मुझे अपने विचारों के अनुकूल बना सकोगे। यह तर्कवितर्क सब मिथ्या है। कोई मत न रखना ही मेरा मत है। किसी सम्परदाय में न होना ही मेरा सम्परदाय है। मुझे कोई दुःख नहीं, इसलि कि मुझे किसी वस्तु की ममता नहीं। अपनी राह जाओ,


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दुःख है और मैं सत्य का उपदेश करुंगा जिसमें तुमको उसके अस्तित्व का विश्वास हो जाए और तुम आज्ञाकारी बालक के समान उसकी आज्ञा पालन करो।'

टिमाक्लीज ने बात काटकर कहा-'नहींनहीं, मेरे सिर अपने धर्मसिद्घान्तों का बोझ मत लादो। इस भूल में न पड़ो कि तुम मुझे अपने विचारों के अनुकूल बना सकोगे। यह तर्कवितर्क सब मिथ्या है। कोई मत न रखना ही मेरा मत है। किसी सम्परदाय में न होना ही मेरा सम्परदाय है। मुझे कोई दुःख नहीं, इसलि कि मुझे किसी वस्तु की ममता नहीं। अपनी राह जाओ,


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