ताहिर-क्या उसे भी दर्ज कर दूँ?
जॉन सेवक-क्यों, वह मेरी आमदनी नहीं है?
ताहिर-मैंने तो समझा कि वह मेरा हक है।
जॉन सेवक-हरगिज नहीं, मैं आप पर गबन का मामला चला सकता हूँ। (त्योरियाँ बदलकर) मुलाजिमों का हक है! खूब! आपका हक तनख्वाह, इसके सिवा आपको कोई हक नहीं है।
ताहिर-हुजूर, अब आइंदा ऐसी गलती न होगी।
जॉन सेवक-अब तक आपने इस मद में जो रकम वसूल की है, वह आमदनी में दिखाइए। हिसाब-किताब के मामले में मैं जरा भी रिआयत नहीं करता।
ताहिर-क्या उसे भी दर्ज कर दूँ?
जॉन सेवक-क्यों, वह मेरी आमदनी नहीं है?
ताहिर-मैंने तो समझा कि वह मेरा हक है।
जॉन सेवक-हरगिज नहीं, मैं आप पर गबन का मामला चला सकता हूँ। (त्योरियाँ बदलकर) मुलाजिमों का हक है! खूब! आपका हक तनख्वाह, इसके सिवा आपको कोई हक नहीं है।
ताहिर-हुजूर, अब आइंदा ऐसी गलती न होगी।
जॉन सेवक-अब तक आपने इस मद में जो रकम वसूल की है, वह आमदनी में दिखाइए। हिसाब-किताब के मामले में मैं जरा भी रिआयत नहीं करता।