को स्थिर रखने के लिए आवश्यक है कि संक्षेप में उस चालबाजी का भी जिक्र करें जिसके कारण औरंगजेब हिन्दुस्तान के इतिहास में शतरंजी चालें चल कर पैंतरे बदल रहा था। यहां तक कि अपने पिता बादशाह शाहजहां को हराकर उसने बाजी मार ली थी। प्रायः दिल्ली के समस्त बादशाह दक्षिण की मुसलमानी बादशाहतों को हड़प् करने की फिक्र में रहा करते थे क्योंकि दिल्ली की बादशाहत स्थिर रखने के लिए यह आवश्यक था कि गोलकुण्डा और बीजापुर के बादशाह सदैव कर देते
को स्थिर रखने के लिए आवश्यक है कि संक्षेप में उस चालबाजी का भी जिक्र करें जिसके कारण औरंगजेब हिन्दुस्तान के इतिहास में शतरंजी चालें चल कर पैंतरे बदल रहा था। यहां तक कि अपने पिता बादशाह शाहजहां को हराकर उसने बाजी मार ली थी। प्रायः दिल्ली के समस्त बादशाह दक्षिण की मुसलमानी बादशाहतों को हड़प् करने की फिक्र में रहा करते थे क्योंकि दिल्ली की बादशाहत स्थिर रखने के लिए यह आवश्यक था कि गोलकुण्डा और बीजापुर के बादशाह सदैव कर देते