के पश्चात् बादशाह बीजापुर में न ठहर सका उसने क्षमा की प्रार्थना
छत्रपति शिवाजी 53
करनी शुरू की। जब औरंगजेब को शाहजहां के बीमार पड़ जाने की ख़बर मिली तो बीजापुर के बादशाह से सन्धि करके वह झट दिल्ली रवाना हो गया। इधर मुरादबख्श और शुजा भी आगरे की तरफ आ रहे थे। ’दारा शिकोह’ शाहजहां की आज्ञानुसार राजधानी का कार्य कर रहा था। औरंगजेब ने लौटते ही मुराद को दम दिलासा दिया कि मैं तो फकीर हूं। मुझे राज्याधिकार से कोई सम्बन्ध नहीं
के पश्चात् बादशाह बीजापुर में न ठहर सका उसने क्षमा की प्रार्थना
छत्रपति शिवाजी 53
करनी शुरू की। जब औरंगजेब को शाहजहां के बीमार पड़ जाने की ख़बर मिली तो बीजापुर के बादशाह से सन्धि करके वह झट दिल्ली रवाना हो गया। इधर मुरादबख्श और शुजा भी आगरे की तरफ आ रहे थे। ’दारा शिकोह’ शाहजहां की आज्ञानुसार राजधानी का कार्य कर रहा था। औरंगजेब ने लौटते ही मुराद को दम दिलासा दिया कि मैं तो फकीर हूं। मुझे राज्याधिकार से कोई सम्बन्ध नहीं