तो 1200000 (बारह लाख) रूपया वार्षिक देना स्वीकार करो।
’शिवाजी’ अभी रास्ते में ही थे, उन्हें पता लगा कि दाऊद खां 5000 हजार सेना लेकर पीछा करता आ रहा है। जिस मार्ग से होकर शिवाजी नासिक के पार जाना चाहते थे उस मार्ग से होकर शिवाजी नासिक के पार जाना चाहते थे उस मार्ग में दाऊद खां की सेना बीच में आ गई।
शिवाजी ने अपनी सेना को चार भागों में विभक्त कर दिया एक भाग ने आगे होकर लड़ाई शुरू कर दी। दो भाग पीछे होकर ललकारते रहे और
तो 1200000 (बारह लाख) रूपया वार्षिक देना स्वीकार करो।
’शिवाजी’ अभी रास्ते में ही थे, उन्हें पता लगा कि दाऊद खां 5000 हजार सेना लेकर पीछा करता आ रहा है। जिस मार्ग से होकर शिवाजी नासिक के पार जाना चाहते थे उस मार्ग से होकर शिवाजी नासिक के पार जाना चाहते थे उस मार्ग में दाऊद खां की सेना बीच में आ गई।
शिवाजी ने अपनी सेना को चार भागों में विभक्त कर दिया एक भाग ने आगे होकर लड़ाई शुरू कर दी। दो भाग पीछे होकर ललकारते रहे और