मिलते हैं। यह तो सत्य है िकइस जाति में समय समय पर अनेक कायर, देशद्रोही, अधर्मी तथा विश्वासघातक भी उत्पन्न हुए, जिन्होंने नितान्त स्वार्थवश अपने धर्म और जाति को दुश्मनों के हाथ बेच डाला किन्तू ऐसे विषम काल में भी, मुसलमानों की अधीनता के काल में भी अनेक शूरवीरों को उत्पन्न कर यदि यह हिन्दू जाति अपने धर्म पर स्थिर रह सकी तो संसार में इसका उदाहरण अन्यत्र कहां मिलेगा? क्या कोई जाति इस्लाम के अन्धे जोश, वीरता और साहस के सामने
मिलते हैं। यह तो सत्य है िकइस जाति में समय समय पर अनेक कायर, देशद्रोही, अधर्मी तथा विश्वासघातक भी उत्पन्न हुए, जिन्होंने नितान्त स्वार्थवश अपने धर्म और जाति को दुश्मनों के हाथ बेच डाला किन्तू ऐसे विषम काल में भी, मुसलमानों की अधीनता के काल में भी अनेक शूरवीरों को उत्पन्न कर यदि यह हिन्दू जाति अपने धर्म पर स्थिर रह सकी तो संसार में इसका उदाहरण अन्यत्र कहां मिलेगा? क्या कोई जाति इस्लाम के अन्धे जोश, वीरता और साहस के सामने