करता रहा। अकबर ही पहला मुसलमान बादशाह था जिसने समस्त भारत को एक साम्राज्य के अधीन करने का विचार किया। उसने ठीक सोचा था कि हिन्दुओं के सहयोग के बिना यह कार्य सम्भव नहीं हैं। अकबर ने अपनी चालाकी से हिन्दुओं को इस प्रकार वश में किया जो उनकी गुलामी का ही पर्याय कहा जा सकता है। पराजित हिन्दू अकबर की कूटनीति के वश में होकर स्वयं को सन्तुष्ट समझने लगे। यह तो अकबर की चतुराई का ही नतीजा था कि करोड़ों हिन्दू उसके अनुवर्ती बन गये।
करता रहा। अकबर ही पहला मुसलमान बादशाह था जिसने समस्त भारत को एक साम्राज्य के अधीन करने का विचार किया। उसने ठीक सोचा था कि हिन्दुओं के सहयोग के बिना यह कार्य सम्भव नहीं हैं। अकबर ने अपनी चालाकी से हिन्दुओं को इस प्रकार वश में किया जो उनकी गुलामी का ही पर्याय कहा जा सकता है। पराजित हिन्दू अकबर की कूटनीति के वश में होकर स्वयं को सन्तुष्ट समझने लगे। यह तो अकबर की चतुराई का ही नतीजा था कि करोड़ों हिन्दू उसके अनुवर्ती बन गये।