इतना बढ़ा कि यह बीजापुर रियासत का सर्वोच्च शासक बन गया। इसके बेटे ने बीजापुर के बादशाह से विरोध किया, नई राजधानी कायम की और उसका नाम अहमदनगर रखा। बीजापुर और अहमदनगर दोनों राज्यों की नीति अकबर की नीति के समान थी। दोनों का शासन प्रबन्घ हिन्दुओं के हाथ में था । सभी पहाड़ी किले हिन्दुओं के अधिकार में थे और ऊंचे पद भी हिन्दुओं के पास थे। आदिलशाही राज्य में एक हिन्दू रईस को बारह-हजारी के पद पर नियुक्ति मिली। इस वंश के शासकों
इतना बढ़ा कि यह बीजापुर रियासत का सर्वोच्च शासक बन गया। इसके बेटे ने बीजापुर के बादशाह से विरोध किया, नई राजधानी कायम की और उसका नाम अहमदनगर रखा। बीजापुर और अहमदनगर दोनों राज्यों की नीति अकबर की नीति के समान थी। दोनों का शासन प्रबन्घ हिन्दुओं के हाथ में था । सभी पहाड़ी किले हिन्दुओं के अधिकार में थे और ऊंचे पद भी हिन्दुओं के पास थे। आदिलशाही राज्य में एक हिन्दू रईस को बारह-हजारी के पद पर नियुक्ति मिली। इस वंश के शासकों