मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

वर्ष गुजारने के बाद सीक्रेट रिपोर्ट पढ़कर मुझे ज्ञात हुआ कि पुलिस अधिकारियों की यह कल्पना थी कि वहां से उन्होंने ‘अभिनव भारत’ की शाखा की सहायता से उसके सदस्यों में से एक शाक्त ब्राह्मण के हाथों तूतीकोरिन के कलेक्टर की गोली मारकर हत्या करवाई थी, पर उस समय यह भी मुझे ज्ञात नहीं था कि श्री अय्यर वापस लौट आए हैं।

मद्रास के उस कलेक्टर की हत्या का समाचार मुझे प्राप्त हो चुका था और बस इतना ही सत्य है कि मुझे यह संदेह था कि


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वर्ष गुजारने के बाद सीक्रेट रिपोर्ट पढ़कर मुझे ज्ञात हुआ कि पुलिस अधिकारियों की यह कल्पना थी कि वहां से उन्होंने ‘अभिनव भारत’ की शाखा की सहायता से उसके सदस्यों में से एक शाक्त ब्राह्मण के हाथों तूतीकोरिन के कलेक्टर की गोली मारकर हत्या करवाई थी, पर उस समय यह भी मुझे ज्ञात नहीं था कि श्री अय्यर वापस लौट आए हैं।

मद्रास के उस कलेक्टर की हत्या का समाचार मुझे प्राप्त हो चुका था और बस इतना ही सत्य है कि मुझे यह संदेह था कि


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