से घिरा हुआ। उस पर सतत बस्ती बनाकर उसका प्राकृतिक वन्य स्वरूप परिवर्तित करने के लिए हिंदुस्थान का उससे अव्याहत संबंध बना रहना अत्यंत आवश्यक था। आधुनिक जीवन के सारे उपकरण हिंदुस्थान से वहां ले जाने से ही वहां के जीवन-सुधार का क्रम सरल हो सकता है। हिंदुस्थान अथवा बाह्म सुसंस्कृत जगत् से नाता टूटते ही नए पहुंचे मनुष्यों का भी तत्रस्थ वन्य अवस्था में पहंुच जाना स्वाभाविक है। जर्मन महायुद्व के समय कभी-कभी चार महीनें जब हिंदुस्थान के जलयान सामान सहित अंदमान नहीं जा सके,
से घिरा हुआ। उस पर सतत बस्ती बनाकर उसका प्राकृतिक वन्य स्वरूप परिवर्तित करने के लिए हिंदुस्थान का उससे अव्याहत संबंध बना रहना अत्यंत आवश्यक था। आधुनिक जीवन के सारे उपकरण हिंदुस्थान से वहां ले जाने से ही वहां के जीवन-सुधार का क्रम सरल हो सकता है। हिंदुस्थान अथवा बाह्म सुसंस्कृत जगत् से नाता टूटते ही नए पहुंचे मनुष्यों का भी तत्रस्थ वन्य अवस्था में पहंुच जाना स्वाभाविक है। जर्मन महायुद्व के समय कभी-कभी चार महीनें जब हिंदुस्थान के जलयान सामान सहित अंदमान नहीं जा सके,