हमें दिखाया कि निकोबार से बंदी के रूप में लाए गए एक-दो मनुष्यों की दुम की हड्डी दो-तीन इंच ऊपर उठी हुई है, जिससे उन्हें कुरसी पर पीठ टिकाकर सीधा बैठना भी असंभव था। उनकी इस दुम पर बालों का अभाव था और उससे सटकर दुम के बालों के गुच्छे की स्नायु वहां नहीं लटक रही थी। उनकी ठुड्डी तथा मुख की रचना हू-बहू वानर जैसी थी।
इस प्रकार के वानर सदृश मानव इस इलाके में कभी-कभी मिलते हैं, जिनकी दुम की हड्डी होती है। उनकी वाचा बहुतांश
हमें दिखाया कि निकोबार से बंदी के रूप में लाए गए एक-दो मनुष्यों की दुम की हड्डी दो-तीन इंच ऊपर उठी हुई है, जिससे उन्हें कुरसी पर पीठ टिकाकर सीधा बैठना भी असंभव था। उनकी इस दुम पर बालों का अभाव था और उससे सटकर दुम के बालों के गुच्छे की स्नायु वहां नहीं लटक रही थी। उनकी ठुड्डी तथा मुख की रचना हू-बहू वानर जैसी थी।
इस प्रकार के वानर सदृश मानव इस इलाके में कभी-कभी मिलते हैं, जिनकी दुम की हड्डी होती है। उनकी वाचा बहुतांश