में उपनिवेश प्रस्थापित करने का प्रयास किया। उससे पूर्व कई बार अंगे्रजों की नौकाएं भटककर इस द्वीप के किनारे आ लगी थी। उनके भयंकर वर्णन आज भी पढ़ने को मिलते हैं। कैप्टन ब्लेअर ने जब उपनिवेश प्रस्थापित करने का प्रयास किया तब अंदमान की जलवायू नगरवासियों के स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक थी। जो लोग उधर प्रस्थापित किए गए, उनमें से एक भी मनुष्य अधिक समय जीवित नहीं रह सका। उए ब्लेअर साहब के नाम से ही अंदमान का वर्तमान बंदरगाह
में उपनिवेश प्रस्थापित करने का प्रयास किया। उससे पूर्व कई बार अंगे्रजों की नौकाएं भटककर इस द्वीप के किनारे आ लगी थी। उनके भयंकर वर्णन आज भी पढ़ने को मिलते हैं। कैप्टन ब्लेअर ने जब उपनिवेश प्रस्थापित करने का प्रयास किया तब अंदमान की जलवायू नगरवासियों के स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक थी। जो लोग उधर प्रस्थापित किए गए, उनमें से एक भी मनुष्य अधिक समय जीवित नहीं रह सका। उए ब्लेअर साहब के नाम से ही अंदमान का वर्तमान बंदरगाह