का प्रयास न करना कूपमंडूकता नहीं तो और क्या है? परंतु क्या किया जाए! यह बित्तो भर टुकड़ा पूर्वजों द्वारा अर्जित है न? ऐसे घरघुसे अभिमानी लोग एक पते की बात पर गौर करें कि ‘यह मेरी पूर्वजों द्वारा अर्जित संपत्तिा है’ ऐसी गर्वोक्ति करने से अधिक श्रेयस्कर है यह कहना कि ‘यह मरेी अपनी कमाई है, न कि बाप की कमाई’। भगवान् और देश इसी से प्रसन्न होंगे।
अंदमान के बंदियों की बसाहत बंद करने तक हिंदुस्थानी कौंसिलों में अंदमान संबंधी बहुत चर्चा की गई,
का प्रयास न करना कूपमंडूकता नहीं तो और क्या है? परंतु क्या किया जाए! यह बित्तो भर टुकड़ा पूर्वजों द्वारा अर्जित है न? ऐसे घरघुसे अभिमानी लोग एक पते की बात पर गौर करें कि ‘यह मेरी पूर्वजों द्वारा अर्जित संपत्तिा है’ ऐसी गर्वोक्ति करने से अधिक श्रेयस्कर है यह कहना कि ‘यह मरेी अपनी कमाई है, न कि बाप की कमाई’। भगवान् और देश इसी से प्रसन्न होंगे।
अंदमान के बंदियों की बसाहत बंद करने तक हिंदुस्थानी कौंसिलों में अंदमान संबंधी बहुत चर्चा की गई,