कभी स्वतंत्रता नहीं मिलेगी।’’ (डनतकमते ंतम उनतकमते ंदक जीमल ूपसस दमअमत इतपदह पदकमचमदकमदबमण्)
‘‘बिल्कुल सही है। परंतु आप पहले यही पाठ आयरलैंड के सिनफिनवालों को क्यों नहीं पढ़ाते? आपको किसने बताया कि मैं हत्या का पक्षपाती हूं।’’ बात का रूख बदलते हुए उन्होंने कहा, ‘‘अब सुपरिटेंडेंट साहब पधार रहे हैं। वास्तव में आपसे मेरा राजनीति विषयक चर्चा करना नियम बाह्म है। परंतु आप जैसे विद्वान, युवा तथा विख्यात मनुष्य को इस तरह के मक्कार बदमाशों में देखकर अंतःकरण छटपटाता है,
कभी स्वतंत्रता नहीं मिलेगी।’’ (डनतकमते ंतम उनतकमते ंदक जीमल ूपसस दमअमत इतपदह पदकमचमदकमदबमण्)
‘‘बिल्कुल सही है। परंतु आप पहले यही पाठ आयरलैंड के सिनफिनवालों को क्यों नहीं पढ़ाते? आपको किसने बताया कि मैं हत्या का पक्षपाती हूं।’’ बात का रूख बदलते हुए उन्होंने कहा, ‘‘अब सुपरिटेंडेंट साहब पधार रहे हैं। वास्तव में आपसे मेरा राजनीति विषयक चर्चा करना नियम बाह्म है। परंतु आप जैसे विद्वान, युवा तथा विख्यात मनुष्य को इस तरह के मक्कार बदमाशों में देखकर अंतःकरण छटपटाता है,