मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas



‘‘और आपको एक सावधानी की सूचना देना मैं अपना कर्तव्य समझता हूं। आप यदि यहां से भागने की चेष्टा करेंगे तो भयंकर संकट में पड़ेंगे। इस जेल के इर्दगिर्द घना जंगल है। उनमें महाक्रूर, खूंॅखार, नृशंस जंगली लोग रहते हैं। वे आपके जैसे सुकुमार बालकों की टोह में रहते हैं, उनके चंगुल में फंसते ही वे उसे ककड़ी जैसा


चबाते हैं। हंसते क्यों हैं? क्यों जमादार, मैं जो कह रहा हूं सच है या नहीं?’’ जमादार ने सचमुच मुजरा करते हुए उनकी हां में हां मिलाईए‘‘ सोलह आने सच है, साहब।’’


310 of 2228



‘‘और आपको एक सावधानी की सूचना देना मैं अपना कर्तव्य समझता हूं। आप यदि यहां से भागने की चेष्टा करेंगे तो भयंकर संकट में पड़ेंगे। इस जेल के इर्दगिर्द घना जंगल है। उनमें महाक्रूर, खूंॅखार, नृशंस जंगली लोग रहते हैं। वे आपके जैसे सुकुमार बालकों की टोह में रहते हैं, उनके चंगुल में फंसते ही वे उसे ककड़ी जैसा


चबाते हैं। हंसते क्यों हैं? क्यों जमादार, मैं जो कह रहा हूं सच है या नहीं?’’ जमादार ने सचमुच मुजरा करते हुए उनकी हां में हां मिलाईए‘‘ सोलह आने सच है, साहब।’’


310 of 2228