में बंद रखा जाएगा। बस ठीक है! ठस बंदीगृह को, जो बुरा नहीं है, अपनी हवेली समझकर पांच वर्ष यहीं पर डेरा डालंेगे, काव्य-रचना करेंगे, सरकारी आज्ञा से नहीं अपितु स्वेच्छया निश्चय से यह नियम बना लेंगे।’
इसी मानसिक खिलौने से खेलते-खेलते मैं तृतीय तल पर पहंुच उस कोठरी के द्वार के पास खड़ा ही रह गया था। इस कारणवश कि मैं उधर आ रहा हूं, वह पूरी इमारत जिसमें लगभग डेढ़ सौ लोगा रहते थे, खाली की गई थी। केवल दृष्टि से उत्तम परंतु बंदियों की दृष्टि से चुगलखोर,
में बंद रखा जाएगा। बस ठीक है! ठस बंदीगृह को, जो बुरा नहीं है, अपनी हवेली समझकर पांच वर्ष यहीं पर डेरा डालंेगे, काव्य-रचना करेंगे, सरकारी आज्ञा से नहीं अपितु स्वेच्छया निश्चय से यह नियम बना लेंगे।’
इसी मानसिक खिलौने से खेलते-खेलते मैं तृतीय तल पर पहंुच उस कोठरी के द्वार के पास खड़ा ही रह गया था। इस कारणवश कि मैं उधर आ रहा हूं, वह पूरी इमारत जिसमें लगभग डेढ़ सौ लोगा रहते थे, खाली की गई थी। केवल दृष्टि से उत्तम परंतु बंदियों की दृष्टि से चुगलखोर,