हिंदुस्थान में वे अपराध के हिसाब से बीस अथवा पच्चीस वर्ष मान सकते हैं। यह अवधि ही दंडविज्ञान में जीवन काल है। अधिक-से-अधिक दंड की यही अवधि है। अतः मुझे प्राप्त दो आजन्म कारावास यदि एककालिक नहीं किए गए और एक आजन्म कारावास काटने के उपरांत दूसरा आजन्म कारावास काटने का अर्थ लिया गया, तो दंडविज्ञान की भाषा में ही इस जन्म की समाप्ति के पश्चात् यह दंड भुगतने के लिए दूसरा जन्म लेना चाहिए- यह हास्यास्पद होगा और वास्तव में यह पचास
हिंदुस्थान में वे अपराध के हिसाब से बीस अथवा पच्चीस वर्ष मान सकते हैं। यह अवधि ही दंडविज्ञान में जीवन काल है। अधिक-से-अधिक दंड की यही अवधि है। अतः मुझे प्राप्त दो आजन्म कारावास यदि एककालिक नहीं किए गए और एक आजन्म कारावास काटने के उपरांत दूसरा आजन्म कारावास काटने का अर्थ लिया गया, तो दंडविज्ञान की भाषा में ही इस जन्म की समाप्ति के पश्चात् यह दंड भुगतने के लिए दूसरा जन्म लेना चाहिए- यह हास्यास्पद होगा और वास्तव में यह पचास