मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

बिस्तर पर लुढ़क गया। अंधेरा छाने लगा। इतने में कहीं से ऐसे मनुष्य की आवाज आई जिसे स्वयं सुनकर लोग भयभीत हो जाएं। धीरे से देखा, दुष्टों में दुष्ट जो वाॅर्डर मेरे लिए नियुक्त किए गए थे, उनमें से एक बंदी वाॅर्डर मुझे हौले से संकेत कर द्वार के निकट बुला रहा है। मैं चला आया। इधर-उधर देखकर उस बंदी वाॅर्डर ने कहा, ‘‘महाराज, आपकी वीरता की ख्याति हमने सुनी है। ऐसे शूर पुरूष के चरणों का मैं दास हूं। आपके लिए मुझसे जो भी बन पड़े,


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बिस्तर पर लुढ़क गया। अंधेरा छाने लगा। इतने में कहीं से ऐसे मनुष्य की आवाज आई जिसे स्वयं सुनकर लोग भयभीत हो जाएं। धीरे से देखा, दुष्टों में दुष्ट जो वाॅर्डर मेरे लिए नियुक्त किए गए थे, उनमें से एक बंदी वाॅर्डर मुझे हौले से संकेत कर द्वार के निकट बुला रहा है। मैं चला आया। इधर-उधर देखकर उस बंदी वाॅर्डर ने कहा, ‘‘महाराज, आपकी वीरता की ख्याति हमने सुनी है। ऐसे शूर पुरूष के चरणों का मैं दास हूं। आपके लिए मुझसे जो भी बन पड़े,


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