चन्द्रकान्ता - Chandrakanta

बाईं तरफ रखे जालिम खाँ की बात खूब गौर से सुनता और जवाब देता है।

जालिम खाँ – ‘तुम्हारे मिल जाने से बड़ा सहारा हो गया।’

आफत खाँ – ‘इसी तरह मुझको तुम्हारे मिलने से। देखो यह गंडासा, (हाथ में ले कर) इसी से हजारों आदमियों की जानें जाएँगी। मैं सिवाय इसके कोई दूसरा हरबा नहीं रखता। यह जहर से बुझाया हुआ है, जिसे जरा भी इसका जख्म लग जाए फिर उसके बचने की कोई उम्मीद नहीं।’

जालिम – ‘बहुत हैरान होने पर तुमसे मुलाकात हुई।’

आफत – ‘मुझे तुमसे जरूर मिलना था,


1050 of 1230

बाईं तरफ रखे जालिम खाँ की बात खूब गौर से सुनता और जवाब देता है।

जालिम खाँ – ‘तुम्हारे मिल जाने से बड़ा सहारा हो गया।’

आफत खाँ – ‘इसी तरह मुझको तुम्हारे मिलने से। देखो यह गंडासा, (हाथ में ले कर) इसी से हजारों आदमियों की जानें जाएँगी। मैं सिवाय इसके कोई दूसरा हरबा नहीं रखता। यह जहर से बुझाया हुआ है, जिसे जरा भी इसका जख्म लग जाए फिर उसके बचने की कोई उम्मीद नहीं।’

जालिम – ‘बहुत हैरान होने पर तुमसे मुलाकात हुई।’

आफत – ‘मुझे तुमसे जरूर मिलना था,


1050 of 1230