की तरफ रवाना किया। जाती दफा जालिम खाँ ने तेजसिंह की तरफ देख के कहा – ‘उस्ताद, तुम बड़े चालाक हो। इसमें कोई शक नहीं कि चेहरे से आदमी के दिल का हाल खूब पहचानते हो, अच्छे डरपोक को चुन के रख लिया, अब तुम्हारा काम निकल जाएगा।’
तेजसिंह ने मुस्करा कर जवाब दिया – ‘पहले इसकी दुर्दशा कर ली जाए फिर तुम लोग भी एक-एक करके इसी जगह लाए जाओगे।’
जालिम खाँ और उसके तीन साथी तो कैदखाने की तरफ भेज दिए गए, एक उसी जगह रह गया। हकीकत में वह
की तरफ रवाना किया। जाती दफा जालिम खाँ ने तेजसिंह की तरफ देख के कहा – ‘उस्ताद, तुम बड़े चालाक हो। इसमें कोई शक नहीं कि चेहरे से आदमी के दिल का हाल खूब पहचानते हो, अच्छे डरपोक को चुन के रख लिया, अब तुम्हारा काम निकल जाएगा।’
तेजसिंह ने मुस्करा कर जवाब दिया – ‘पहले इसकी दुर्दशा कर ली जाए फिर तुम लोग भी एक-एक करके इसी जगह लाए जाओगे।’
जालिम खाँ और उसके तीन साथी तो कैदखाने की तरफ भेज दिए गए, एक उसी जगह रह गया। हकीकत में वह