वक्त कुमार को कह दिया था कि जब अपने पिता और महाराज जयसिंह को ले कर इस खोह में आना तो उन लोगों को खोह के बाहर छोड़ कर पहले तुम आ कर एक दफा हमसे मिल जाना। उन्हीं के कहे मुताबिक कुमार करेंगे। खैर, इन लोगों को तो आप अपने काम में छोड़ दीजिए और थोड़ी देर के लिए आँखें बंद करके हमारे साथ उस खोह में चलिए और किसी कोने में छिप कर वहाँ रहने वालों की बातचीत सुनिए। शायद आप लोगों के जी का भ्रम यहाँ निकल जाए और दूसरे तीसरे भाग के बिल्कुल भेदों की बातें भी सुनते ही सुनते खुल जाएँ,
वक्त कुमार को कह दिया था कि जब अपने पिता और महाराज जयसिंह को ले कर इस खोह में आना तो उन लोगों को खोह के बाहर छोड़ कर पहले तुम आ कर एक दफा हमसे मिल जाना। उन्हीं के कहे मुताबिक कुमार करेंगे। खैर, इन लोगों को तो आप अपने काम में छोड़ दीजिए और थोड़ी देर के लिए आँखें बंद करके हमारे साथ उस खोह में चलिए और किसी कोने में छिप कर वहाँ रहने वालों की बातचीत सुनिए। शायद आप लोगों के जी का भ्रम यहाँ निकल जाए और दूसरे तीसरे भाग के बिल्कुल भेदों की बातें भी सुनते ही सुनते खुल जाएँ,