की क्या कमाई लाये हो ? उनको क्या दूंगा ! दुहाई महाराज की, दुहाई ! दुहाई !!’’
बड़ी मुश्किल से सभी ने उसे चुप कराया। महाराज को बड़ा गुस्सा आया, हुक्म दिया, ‘‘क्रूरसिंह कहाँ है ?’’ चोबदार खबर लाया-‘‘बहुत बीमार हैं, उठ नहीं सकते।’’ रामलाल (तेजसिंह) दुहाई महाराज की ! यह भी उन्हीं की तरफ मिल गया, झूठ बोलता है ! मुसलमान सब उसके दोस्त हैं ; दुहाई महाराज की ! खूब तहकीकात की जाय !’’ महाराज ने मुंशी से कहा, ‘‘तुम जाकर पता लगाओ
की क्या कमाई लाये हो ? उनको क्या दूंगा ! दुहाई महाराज की, दुहाई ! दुहाई !!’’
बड़ी मुश्किल से सभी ने उसे चुप कराया। महाराज को बड़ा गुस्सा आया, हुक्म दिया, ‘‘क्रूरसिंह कहाँ है ?’’ चोबदार खबर लाया-‘‘बहुत बीमार हैं, उठ नहीं सकते।’’ रामलाल (तेजसिंह) दुहाई महाराज की ! यह भी उन्हीं की तरफ मिल गया, झूठ बोलता है ! मुसलमान सब उसके दोस्त हैं ; दुहाई महाराज की ! खूब तहकीकात की जाय !’’ महाराज ने मुंशी से कहा, ‘‘तुम जाकर पता लगाओ