चन्द्रकान्ता - Chandrakanta

‘‘ले लो, जाते कहाँ हो, भाई पहले इसको दे दो !’’

रामलाल ने कहा, ‘‘हत्त तेरे की, मैं चिल्लाता नहीं तो सभी रुपये डकार जाता !’’ उइस पर सब हंस पड़े। मुंशी ने दो हजार रुपये आगे रखवा दिया और कहा, ‘‘ले, ले जा !’’ रामलाल ने कहा, ‘‘वाह, कुछ याद है ! महाराज ने क्या हुक्म दिया है ? इतना तो मेरी जेब में आ जायेगा, मैं उठा के क्या ले जाऊंगा ?’’ मुंशी झुंझला उठा, नकली रामलाल को खजाने के सन्दूक के पास ले जाकर खड़ा कर दिया और कहा, ‘‘उठा,


123 of 1230

‘‘ले लो, जाते कहाँ हो, भाई पहले इसको दे दो !’’

रामलाल ने कहा, ‘‘हत्त तेरे की, मैं चिल्लाता नहीं तो सभी रुपये डकार जाता !’’ उइस पर सब हंस पड़े। मुंशी ने दो हजार रुपये आगे रखवा दिया और कहा, ‘‘ले, ले जा !’’ रामलाल ने कहा, ‘‘वाह, कुछ याद है ! महाराज ने क्या हुक्म दिया है ? इतना तो मेरी जेब में आ जायेगा, मैं उठा के क्या ले जाऊंगा ?’’ मुंशी झुंझला उठा, नकली रामलाल को खजाने के सन्दूक के पास ले जाकर खड़ा कर दिया और कहा, ‘‘उठा,


123 of 1230