वह बड़ा बदमाश तथा झूठा था, मुफ्त में लड़की को बदनाम करता था।’’
महारानी ने बात छेड़कर कहा, ‘‘आपने क्या सोचकर वीरेन्द्र का आना-जाना बन्द कर दिया ! देखिए यह वही वीरेन्द्र है जो लड़कपन से, जब चन्द्रकान्ता पैदा भी नहीं हुई थी, यहीं आता और कई-कई दिनों तक रहा करता था। जब यह पैदा हुई तो दोनों बराबर खेला करते और इसी से इन दोनों की आपस की मुहब्बत भी बढ़ गई। उस वक्त यह भी नहीं मालूम होता था कि आप और राजा सुरेन्द्रसिंह कोई दो हैं
वह बड़ा बदमाश तथा झूठा था, मुफ्त में लड़की को बदनाम करता था।’’
महारानी ने बात छेड़कर कहा, ‘‘आपने क्या सोचकर वीरेन्द्र का आना-जाना बन्द कर दिया ! देखिए यह वही वीरेन्द्र है जो लड़कपन से, जब चन्द्रकान्ता पैदा भी नहीं हुई थी, यहीं आता और कई-कई दिनों तक रहा करता था। जब यह पैदा हुई तो दोनों बराबर खेला करते और इसी से इन दोनों की आपस की मुहब्बत भी बढ़ गई। उस वक्त यह भी नहीं मालूम होता था कि आप और राजा सुरेन्द्रसिंह कोई दो हैं