चन्द्रकान्ता - Chandrakanta

था और यह कहकर चला गया कि मैं भी चुनार जाता हूँ !’’

नाजिम ने कहा, ‘‘बस मैं समझ गया, वह जरूर तेजसिंह होगा इसमें कोई शक नहीं ! उसी ने महाराज को भी खबर पहुंचाई होगी, यह सब फसाद उसी का है !’’ यह सुन क्रूरसिंह रोने लगा। महाराज शिवदत्त ने कहा, ‘‘जो होना था सो हो गया, सोच मत करो। देखो इसका बदला जयसिंह से मैं लेता हूँ। तुम इसी शहर में रहो, हमाम के सामने वाला मकान तुम्हें दिया जाता है, उसी में अपने कुटुम्ब को रक्खो, रुपये की मदद


135 of 1230

था और यह कहकर चला गया कि मैं भी चुनार जाता हूँ !’’

नाजिम ने कहा, ‘‘बस मैं समझ गया, वह जरूर तेजसिंह होगा इसमें कोई शक नहीं ! उसी ने महाराज को भी खबर पहुंचाई होगी, यह सब फसाद उसी का है !’’ यह सुन क्रूरसिंह रोने लगा। महाराज शिवदत्त ने कहा, ‘‘जो होना था सो हो गया, सोच मत करो। देखो इसका बदला जयसिंह से मैं लेता हूँ। तुम इसी शहर में रहो, हमाम के सामने वाला मकान तुम्हें दिया जाता है, उसी में अपने कुटुम्ब को रक्खो, रुपये की मदद


135 of 1230