से फौज और सब नौकर हमारे हुक्म में रहेंगे और मैं बहुत कुछ कर सकूँगा। तुम भी महल में होशियारी के साथ रहा करना और जहाँ तक हो सके एक बार मुझसे मिला करना। मैं दीवान तो बना रहूंगा ही, मिलना कुछ मुश्किल न होगा, बराबर असली सूरत में मेरे घर अर्थात् हरदयालसिंह के यहाँ मिला करना, मैं उसके घर में भी उसी की तरह रहा करूंगा।’’
इसके अलावा और भी बहुत-सी बातें तेजसिंह ने चपला को समझाईं ! थोड़ी देर तक चहल रही इसके बाद चपला अपने महल की
से फौज और सब नौकर हमारे हुक्म में रहेंगे और मैं बहुत कुछ कर सकूँगा। तुम भी महल में होशियारी के साथ रहा करना और जहाँ तक हो सके एक बार मुझसे मिला करना। मैं दीवान तो बना रहूंगा ही, मिलना कुछ मुश्किल न होगा, बराबर असली सूरत में मेरे घर अर्थात् हरदयालसिंह के यहाँ मिला करना, मैं उसके घर में भी उसी की तरह रहा करूंगा।’’
इसके अलावा और भी बहुत-सी बातें तेजसिंह ने चपला को समझाईं ! थोड़ी देर तक चहल रही इसके बाद चपला अपने महल की