इसको सरकार में लाया हूँ। जो इसके लिए मुनासिब हो, हुक्म किया जाये।’’
महाराज गौर के साथ खुशी भरी निगाहो से उसकी तरफ देखने लगे और पूछा, ‘‘तेरा नाम क्या है ?’’ उसने कहा, ‘‘मक्कार खां उर्फ ऐयार खां।’’ महाराज उसकी ढिठाई और बात पर हँस पड़े, हुक्म दिया, ’’बस इससे ज्यादा पूछने की कोई जरूरत नहीं, सीधे कैदखाने में ले जाकर इसको बन्द करो और सख्त पहरे बैठा दो।’’ हुक्म पाते ही प्यादों ने उस ऐयार के हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ी
इसको सरकार में लाया हूँ। जो इसके लिए मुनासिब हो, हुक्म किया जाये।’’
महाराज गौर के साथ खुशी भरी निगाहो से उसकी तरफ देखने लगे और पूछा, ‘‘तेरा नाम क्या है ?’’ उसने कहा, ‘‘मक्कार खां उर्फ ऐयार खां।’’ महाराज उसकी ढिठाई और बात पर हँस पड़े, हुक्म दिया, ’’बस इससे ज्यादा पूछने की कोई जरूरत नहीं, सीधे कैदखाने में ले जाकर इसको बन्द करो और सख्त पहरे बैठा दो।’’ हुक्म पाते ही प्यादों ने उस ऐयार के हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ी