कर फिर फिरेंगे।’’ वीरेन्द्रसिंह ‘‘चलो’’ कहकर घोड़े पर सवार हुए और तेजसिंह पैदल साथ चले।
थोड़ी दूर जाकर तेजसिंह बोले, ‘‘न मालूम क्यों मेरा सिर घूमता है।’’ कुमार ने कहा, ‘‘तुम मांस ज्यादा खा गये हो, उसने गर्मी की है।’’ थोड़ी दूर गये थे कि तेजसिंह चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़े। वीरेन्द्रसिंह ने झट घोड़े पर से कूदकर उनके हाथ-पैर खूब कसके गठरी में बांध पीठ पर लाद लिया और घोड़े की बाग थाम विजयगढ़ का रास्ता लिया। थोड़ी दूर जाकर
कर फिर फिरेंगे।’’ वीरेन्द्रसिंह ‘‘चलो’’ कहकर घोड़े पर सवार हुए और तेजसिंह पैदल साथ चले।
थोड़ी दूर जाकर तेजसिंह बोले, ‘‘न मालूम क्यों मेरा सिर घूमता है।’’ कुमार ने कहा, ‘‘तुम मांस ज्यादा खा गये हो, उसने गर्मी की है।’’ थोड़ी दूर गये थे कि तेजसिंह चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़े। वीरेन्द्रसिंह ने झट घोड़े पर से कूदकर उनके हाथ-पैर खूब कसके गठरी में बांध पीठ पर लाद लिया और घोड़े की बाग थाम विजयगढ़ का रास्ता लिया। थोड़ी दूर जाकर