को कोई ऐयार पकड़ता है तो सिवाय कैद रखने के जान से नहीं मारता, अगर तेजसिंह उन लोगों के हाथ में पड़ गया है तो कैद होगा, किसी तरह छूट ही जायेगा क्योंकि वह अपने फन में बड़ा होशियार है, सिवाय इसके जो ऐयारी का काम करेगा चाहे वह कितना ही चालाक क्यों न हो, कभी-न-कभी फंस ही जायेगा, फिर इसके लिए सोचना क्या ? दस-पाँच दिन सब्र कीजिए, देखिए क्या होता है ? इस बीच में, अगर वह न आया तो आपको जो कुछ करना हो कीजिएगा।’’
वीरेन्द्रसिंह ने जवाब दिया,
को कोई ऐयार पकड़ता है तो सिवाय कैद रखने के जान से नहीं मारता, अगर तेजसिंह उन लोगों के हाथ में पड़ गया है तो कैद होगा, किसी तरह छूट ही जायेगा क्योंकि वह अपने फन में बड़ा होशियार है, सिवाय इसके जो ऐयारी का काम करेगा चाहे वह कितना ही चालाक क्यों न हो, कभी-न-कभी फंस ही जायेगा, फिर इसके लिए सोचना क्या ? दस-पाँच दिन सब्र कीजिए, देखिए क्या होता है ? इस बीच में, अगर वह न आया तो आपको जो कुछ करना हो कीजिएगा।’’
वीरेन्द्रसिंह ने जवाब दिया,