कुंवर वीरेन्द्रसिंह और उनके पिता ने भी फर्माया था कि यहां के सब मुसलमान क्रूर की तरफदार हो रहे हैं, जहां तक हो इनको कम करना चाहिए। मैं देखता हूं तो यह बात ठीक मालूम होती है, इसके बारे में जैसा हुक्म हो, किया जाये।’’ महाराज ने कहा, ‘‘ठीक है, हम खुद इस बात के लिए तुमसे कहने वाले थे। खैर, अब कहे देते हैं कि तुम धीरे-धीरे सब मुसलमानों को नाजुक कामों से बाहर कर दो।’’ हरदयालसिंह ने कहा, ‘‘बहुत अच्छा, ऐसा ही होगा।’’ यह कह महाराज से रुखसत हो अपने घर चले आये।
कुंवर वीरेन्द्रसिंह और उनके पिता ने भी फर्माया था कि यहां के सब मुसलमान क्रूर की तरफदार हो रहे हैं, जहां तक हो इनको कम करना चाहिए। मैं देखता हूं तो यह बात ठीक मालूम होती है, इसके बारे में जैसा हुक्म हो, किया जाये।’’ महाराज ने कहा, ‘‘ठीक है, हम खुद इस बात के लिए तुमसे कहने वाले थे। खैर, अब कहे देते हैं कि तुम धीरे-धीरे सब मुसलमानों को नाजुक कामों से बाहर कर दो।’’ हरदयालसिंह ने कहा, ‘‘बहुत अच्छा, ऐसा ही होगा।’’ यह कह महाराज से रुखसत हो अपने घर चले आये।