इस बात की खोज में होगा कि हम लोग कहां जाते हैं।” देवीसिंह ने कहा, “हां इसमें कोई शक नहीं कि यह सगुन खराब हुआ।” यह सुनकर कुमार का कलेजा धाड़कने लगा। बोले, “फिर अब क्या किया जाय?” तेजसिंह ने कहा, “इस वक्त और कोई तरकीब तो हो नहीं सकती है, हां एक बात है कि हम लोग जंगल का रास्ता छोड़ मैदान-मैदान चलें। ऐसा करने से पीछे का आदमी आता हुआ मालूम होगा।” कुमार ने कहा, “अच्छा तुम आगे चलो।”
अब वे तीनों जंगल छोड़ मैदान में हो लिए। पीछे
इस बात की खोज में होगा कि हम लोग कहां जाते हैं।” देवीसिंह ने कहा, “हां इसमें कोई शक नहीं कि यह सगुन खराब हुआ।” यह सुनकर कुमार का कलेजा धाड़कने लगा। बोले, “फिर अब क्या किया जाय?” तेजसिंह ने कहा, “इस वक्त और कोई तरकीब तो हो नहीं सकती है, हां एक बात है कि हम लोग जंगल का रास्ता छोड़ मैदान-मैदान चलें। ऐसा करने से पीछे का आदमी आता हुआ मालूम होगा।” कुमार ने कहा, “अच्छा तुम आगे चलो।”
अब वे तीनों जंगल छोड़ मैदान में हो लिए। पीछे