बह्महत्या तो मेरे सिर चढ़ेगी!
ज्योतिषी-इसका भी ढंग मैं बता देता हूं जिसमें तुम्हारे ऊपर ब्रह्महत्या न चढ़े।
तेज-वह क्या?
ज्योतिषी-कुछ मुश्किल नहीं है, पहले मुसलमान कर डालना तब हलाल करना।
ज्योतिषीजी की बात पर तेजसिंह हंस पड़े और बोले, “अच्छा भाई चलो, क्या करें, आपका हुक्म मानना भी जरूरी है।”
दूसरे दिन शाम को ये लोग उस तहखाने के पास पहुंचे। ज्योतिषीजी के सामने ही तेजसिंह ताला खोलने लगे। पहले उस शेर के मुंह में हाथ डाल के उसकी जुबान बाहर निकाली,
बह्महत्या तो मेरे सिर चढ़ेगी!
ज्योतिषी-इसका भी ढंग मैं बता देता हूं जिसमें तुम्हारे ऊपर ब्रह्महत्या न चढ़े।
तेज-वह क्या?
ज्योतिषी-कुछ मुश्किल नहीं है, पहले मुसलमान कर डालना तब हलाल करना।
ज्योतिषीजी की बात पर तेजसिंह हंस पड़े और बोले, “अच्छा भाई चलो, क्या करें, आपका हुक्म मानना भी जरूरी है।”
दूसरे दिन शाम को ये लोग उस तहखाने के पास पहुंचे। ज्योतिषीजी के सामने ही तेजसिंह ताला खोलने लगे। पहले उस शेर के मुंह में हाथ डाल के उसकी जुबान बाहर निकाली,