कुमार ने घोड़ा रोका और देवीसिंह की तरफ देखकर हंसे।
हांफते-हांफते देवीसिंह ने कहा, “भला कुछ यह भी तो मालूम हो कि आप का इरादा क्या है, कहीं सनक तो नहीं गये?” कुमार घोड़े पर से उतर पड़े और बोले, “अच्छा इस घोड़े को चरने के लिए छोड़ो फिर हमसे सुनो कि हमारा क्या इरादा है।” देवीसिंह ने जीनपोश कुमार के लिए बिछाकर घोड़े को चरने के वास्ते छोड़ दिया और उनके पास बैठकर पूछा, “अब बताइये, आप क्या सोचकर विजयगढ़ से बाहर निकले!” इसके
कुमार ने घोड़ा रोका और देवीसिंह की तरफ देखकर हंसे।
हांफते-हांफते देवीसिंह ने कहा, “भला कुछ यह भी तो मालूम हो कि आप का इरादा क्या है, कहीं सनक तो नहीं गये?” कुमार घोड़े पर से उतर पड़े और बोले, “अच्छा इस घोड़े को चरने के लिए छोड़ो फिर हमसे सुनो कि हमारा क्या इरादा है।” देवीसिंह ने जीनपोश कुमार के लिए बिछाकर घोड़े को चरने के वास्ते छोड़ दिया और उनके पास बैठकर पूछा, “अब बताइये, आप क्या सोचकर विजयगढ़ से बाहर निकले!” इसके