थोड़ी फौज साथ जायेगी वही बहुत है।”
महाराज ने कहा, “ठीक है, मेरे जाने की कोई जरूरत नहीं मगर इतना होगा कि चलकर उस तिलिस्म को मैं भी देख आऊंगा।” तेजसिंह ने कहा, “जैसी मर्जी।” महाराज ने दीवान हरदयालसिंह को हुक्म दिया कि ”हमारी आधी फौज और कुमार की कुल फौज रात भर में तैयार हो रहे, कल यहां से चुनार की तरफ कूच होगा।”
बमूजिब हुक्म के सब इंतजाम दीवान साहब ने कर दिया। दूसरे दिन नौगढ़ से लौटकर देवीसिंह भी आ गए। बड़ी तैयारी के साथ
थोड़ी फौज साथ जायेगी वही बहुत है।”
महाराज ने कहा, “ठीक है, मेरे जाने की कोई जरूरत नहीं मगर इतना होगा कि चलकर उस तिलिस्म को मैं भी देख आऊंगा।” तेजसिंह ने कहा, “जैसी मर्जी।” महाराज ने दीवान हरदयालसिंह को हुक्म दिया कि ”हमारी आधी फौज और कुमार की कुल फौज रात भर में तैयार हो रहे, कल यहां से चुनार की तरफ कूच होगा।”
बमूजिब हुक्म के सब इंतजाम दीवान साहब ने कर दिया। दूसरे दिन नौगढ़ से लौटकर देवीसिंह भी आ गए। बड़ी तैयारी के साथ