न हुआ मगर मैंने कैसी ऐयारी की कि खोई हुई चीज को ढूंढ निकाला, देखो यह तिलिस्मी किताब।” यह कह कुमार ने किताब तेजसिंह के आगे रख दी।
तेजसिंह ने कहा, “आप जो कुछ ऐयारी करेंगे वह तो मालूम ही है मगर यह बताइए कि किताब कैसे हाथ लगी? जो बात होती है ताज्जुब की!”
कुमार ने बिल्कुल हाल किताब पाने का कह सुनाया, तब वह खत दिखाई और जो कुछ जवाब लिखा था वह भी कहा।
ज्योतिषीजी ने कहा, “क्यों न हो, फिर तो बड़े घर की लड़की है, किसी तरह से
न हुआ मगर मैंने कैसी ऐयारी की कि खोई हुई चीज को ढूंढ निकाला, देखो यह तिलिस्मी किताब।” यह कह कुमार ने किताब तेजसिंह के आगे रख दी।
तेजसिंह ने कहा, “आप जो कुछ ऐयारी करेंगे वह तो मालूम ही है मगर यह बताइए कि किताब कैसे हाथ लगी? जो बात होती है ताज्जुब की!”
कुमार ने बिल्कुल हाल किताब पाने का कह सुनाया, तब वह खत दिखाई और जो कुछ जवाब लिखा था वह भी कहा।
ज्योतिषीजी ने कहा, “क्यों न हो, फिर तो बड़े घर की लड़की है, किसी तरह से