तेज-क्या अब आपको कुमारी चंद्रकान्ता की फिक्र न रही?
कुमार-क्यों नहीं, कुमारी की मुहब्बत भी मेरे नस-नस में बसी हुई है, मगर तुम भी तो इंसाफ करो कि इसकी मुहब्बत मेरे साथ कैसी सच्ची है, यहां तक कि मेरे ही सबब से कुमारी चंद्रकान्ता को मुझसे भी बढ़कर समझ रखा है।
तेज-हम यह तो नहीं कहते कि उसकी मुहब्बत की तरफ ख्याल न करें, मगर तिलिस्म का भी तो ख्याल होना चाहिए।
कुमार-तो ऐसा करो जिसमें दोनों का काम चले।
तेज-ऐसा ही होगा, दिन को तिलिस्म तोड़ने का काम करेंगे,
तेज-क्या अब आपको कुमारी चंद्रकान्ता की फिक्र न रही?
कुमार-क्यों नहीं, कुमारी की मुहब्बत भी मेरे नस-नस में बसी हुई है, मगर तुम भी तो इंसाफ करो कि इसकी मुहब्बत मेरे साथ कैसी सच्ची है, यहां तक कि मेरे ही सबब से कुमारी चंद्रकान्ता को मुझसे भी बढ़कर समझ रखा है।
तेज-हम यह तो नहीं कहते कि उसकी मुहब्बत की तरफ ख्याल न करें, मगर तिलिस्म का भी तो ख्याल होना चाहिए।
कुमार-तो ऐसा करो जिसमें दोनों का काम चले।
तेज-ऐसा ही होगा, दिन को तिलिस्म तोड़ने का काम करेंगे,