पौधा सौगात के तौर पर वैद्यजी ने तुम्हारे वास्ते रखा है।”
इसको पढ़कर कुमार बहुत खुश हुए और ज्योतिषीजी की तरफ देखकर बोले, “यह बहुत अच्छी चीज मुझको मिली, देखिये इस वक्त भी इन फूलों में से कैसी अच्छी खुशबू निकलकर फैल रही है।”
तेज-इसमें तो कोई शक नहीं।
देवी-एक से एक बढ़कर कारीगरी दिखाई पड़ती है!
अभी कुमार बात कर रहे थे कि कोठरी के एक तरफ का दरवाजा खुल गया। अंधेरी कोठरी में अभी तक इन लोगों ने कोई दरवाजा या उसका निशान नहीं
पौधा सौगात के तौर पर वैद्यजी ने तुम्हारे वास्ते रखा है।”
इसको पढ़कर कुमार बहुत खुश हुए और ज्योतिषीजी की तरफ देखकर बोले, “यह बहुत अच्छी चीज मुझको मिली, देखिये इस वक्त भी इन फूलों में से कैसी अच्छी खुशबू निकलकर फैल रही है।”
तेज-इसमें तो कोई शक नहीं।
देवी-एक से एक बढ़कर कारीगरी दिखाई पड़ती है!
अभी कुमार बात कर रहे थे कि कोठरी के एक तरफ का दरवाजा खुल गया। अंधेरी कोठरी में अभी तक इन लोगों ने कोई दरवाजा या उसका निशान नहीं