कुमार-अच्छा मुझ ही से कह, क्या कहती है?
बुङ्ढी-तुमसे तो कहूंगी ही, तुम्हारे बड़े मतलब की बात है। (खांसने लगती है)
देवी-अब डेढ़ घंटे तक खांसेगी तब कहेगी?
बुङ्ढी-फिर दूसरे ने दखल दिया!
कुमार-नहीं-नहीं, कोई न बोलेगा।
बुङ्ढी-एक बात है, मैं जो कुछ कहूंगी तुम्हारे मतलब की कहूंगी जिसको सुनते ही खुश हो जाओगे, मगर उसके बदले में मैं भी कुछ चाहती हूं।
कुमार-हां-हां तुझे भी खुश कर देंगे।
बुङ्ढी-पहले तुम इस बात की कसम खाओ
कुमार-अच्छा मुझ ही से कह, क्या कहती है?
बुङ्ढी-तुमसे तो कहूंगी ही, तुम्हारे बड़े मतलब की बात है। (खांसने लगती है)
देवी-अब डेढ़ घंटे तक खांसेगी तब कहेगी?
बुङ्ढी-फिर दूसरे ने दखल दिया!
कुमार-नहीं-नहीं, कोई न बोलेगा।
बुङ्ढी-एक बात है, मैं जो कुछ कहूंगी तुम्हारे मतलब की कहूंगी जिसको सुनते ही खुश हो जाओगे, मगर उसके बदले में मैं भी कुछ चाहती हूं।
कुमार-हां-हां तुझे भी खुश कर देंगे।
बुङ्ढी-पहले तुम इस बात की कसम खाओ