बुङ्ढी-पहले मेरे इनाम की बात तो कर लीजिए।
कुमार-अगर तेरी बात सच हुई तो जो कहेगी वही इनाम मिलेगा।
बुङ्ढी-तो इसके लिए कसम खाइये।
कुमार-अच्छा क्या इनाम लेगी, पहले यह तो सुन लूं।
बुङ्ढी-बस और कुछ नहीं केवल इतना ही कि आप मुझसे शादी कर लें, वनकन्या और चंद्रकान्ता से तो चाहे जब शादी हो मगर मुझसे आज ही हो जाय क्योंकि मैं बहुत दिनों से तुम्हारे इश्क में फंसी हुई हूं, बल्कि तुम्हारे मिलने की तरकीब सोचते-सोचते बुङ्ढी हो चली। आज मौका मिला कि तुम मेरे हाथ फंस गये,
बुङ्ढी-पहले मेरे इनाम की बात तो कर लीजिए।
कुमार-अगर तेरी बात सच हुई तो जो कहेगी वही इनाम मिलेगा।
बुङ्ढी-तो इसके लिए कसम खाइये।
कुमार-अच्छा क्या इनाम लेगी, पहले यह तो सुन लूं।
बुङ्ढी-बस और कुछ नहीं केवल इतना ही कि आप मुझसे शादी कर लें, वनकन्या और चंद्रकान्ता से तो चाहे जब शादी हो मगर मुझसे आज ही हो जाय क्योंकि मैं बहुत दिनों से तुम्हारे इश्क में फंसी हुई हूं, बल्कि तुम्हारे मिलने की तरकीब सोचते-सोचते बुङ्ढी हो चली। आज मौका मिला कि तुम मेरे हाथ फंस गये,