चन्द्रकान्ता - Chandrakanta

को गिरफ्तार करके इसी जगह ला उनको कैद भी कर दिया करो।

और भी बहुत-सी बातें देवीसिंह को समझाने के बाद तेजसिंह दरवाजा खोलने चले। दरवाजे के ऊपर एक बड़ा सा चेहरा शेर का बना हुआ था जिसके मुँह में हाथ बखूबी जा सकता था। तेजसिंह ने देवीसिंह से कहा, ‘‘इस चेहरे के मुंह में हाथ डालकर इसकी जुबान बाहर खींचो।’’ देवीसिंह ने वैसा ही किया और हाथ भर के करीब जुबान खींच ली। उसके खिंचते ही एक आवाज हुई और दरवाजा खुल गया। अहमद की गठरी लिए हुए


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को गिरफ्तार करके इसी जगह ला उनको कैद भी कर दिया करो।

और भी बहुत-सी बातें देवीसिंह को समझाने के बाद तेजसिंह दरवाजा खोलने चले। दरवाजे के ऊपर एक बड़ा सा चेहरा शेर का बना हुआ था जिसके मुँह में हाथ बखूबी जा सकता था। तेजसिंह ने देवीसिंह से कहा, ‘‘इस चेहरे के मुंह में हाथ डालकर इसकी जुबान बाहर खींचो।’’ देवीसिंह ने वैसा ही किया और हाथ भर के करीब जुबान खींच ली। उसके खिंचते ही एक आवाज हुई और दरवाजा खुल गया। अहमद की गठरी लिए हुए


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