एक बगल चपला दूसरी तरफ चंपा क्या मजे में अपनी ठुड्डी पर उंगली रखे खड़ी हैं।”
“हाय, चंद्रकान्ता कहां होगी!” इतना कह एक लंगी सांस ले एकटक उस तस्वीर की तरफ देखने लगे।
कहीं से पाजेब की छन्न से आवाज आई जिसे सुनते ही कुमार चौंक पड़े। ऊपर की तरफ कई छोटी-छोटी खिड़कियां थीं जो सब की सब बंद थीं। यह आवाज कहां से आई! इस घर में कौन औरत है! इतनी देर तक तो कुमार अपने पूरे होशहवास में न थे मगर अब चौंके और सोचने लगे-
“हैं, इस जगह मैं
एक बगल चपला दूसरी तरफ चंपा क्या मजे में अपनी ठुड्डी पर उंगली रखे खड़ी हैं।”
“हाय, चंद्रकान्ता कहां होगी!” इतना कह एक लंगी सांस ले एकटक उस तस्वीर की तरफ देखने लगे।
कहीं से पाजेब की छन्न से आवाज आई जिसे सुनते ही कुमार चौंक पड़े। ऊपर की तरफ कई छोटी-छोटी खिड़कियां थीं जो सब की सब बंद थीं। यह आवाज कहां से आई! इस घर में कौन औरत है! इतनी देर तक तो कुमार अपने पूरे होशहवास में न थे मगर अब चौंके और सोचने लगे-
“हैं, इस जगह मैं