ऐसा करते! अब यह कहने से क्या होता है। जरूर चोरी की नीयत से ही आप आये हैं।
कुमार-मुझको यह भी मालूम नहीं कि यहां आने या जाने का रास्ता कौन है। अगर यह भी बतला दो तो मैं यहां से चला जाऊं।
दूसरी-वाह, क्या बेचारे अनजान बनते हैं! यहां तक आये भी और रास्ता भी नहीं मालूम।
तीसरी-बहिन, तुम नहीं समझतीं यह चालाकी से भागना चाहते हैं।
चौथी-अब इनको गिरफ्तार करके ले चलना चाहिए।
कुमार-भला मुझे कहां ले चलोगी?
एक औरत-अपने मालिक के सामने।
ऐसा करते! अब यह कहने से क्या होता है। जरूर चोरी की नीयत से ही आप आये हैं।
कुमार-मुझको यह भी मालूम नहीं कि यहां आने या जाने का रास्ता कौन है। अगर यह भी बतला दो तो मैं यहां से चला जाऊं।
दूसरी-वाह, क्या बेचारे अनजान बनते हैं! यहां तक आये भी और रास्ता भी नहीं मालूम।
तीसरी-बहिन, तुम नहीं समझतीं यह चालाकी से भागना चाहते हैं।
चौथी-अब इनको गिरफ्तार करके ले चलना चाहिए।
कुमार-भला मुझे कहां ले चलोगी?
एक औरत-अपने मालिक के सामने।