मगर देखो किसी को मालूम न हो कि देवीसिंह घोड़ा ले गए हैं।
देवी-जब किसी को मालूम हो ही गया तो मेरे जाने से फायदा क्या?
तेज-कितनी देर में आओगे?
देवी-यह कोई भारी बात तो है नहीं जो देर लगेगी, पहर भर के अंदर आ जाऊंगा।
यह कहकर देवीसिंह नौगढ़ की तरफ रवाना हुए, उनके जाने के बाद ये तीनों आदमी घने पेड़ों के नीचे बैठ बातें करने लगे।
कुमार-क्यों ज्योतिषीजी, शिवदत्त का भेद कुछ न खुलेगा?
ज्यो-इसमें तो कोई शक नहीं कि वह असल में
मगर देखो किसी को मालूम न हो कि देवीसिंह घोड़ा ले गए हैं।
देवी-जब किसी को मालूम हो ही गया तो मेरे जाने से फायदा क्या?
तेज-कितनी देर में आओगे?
देवी-यह कोई भारी बात तो है नहीं जो देर लगेगी, पहर भर के अंदर आ जाऊंगा।
यह कहकर देवीसिंह नौगढ़ की तरफ रवाना हुए, उनके जाने के बाद ये तीनों आदमी घने पेड़ों के नीचे बैठ बातें करने लगे।
कुमार-क्यों ज्योतिषीजी, शिवदत्त का भेद कुछ न खुलेगा?
ज्यो-इसमें तो कोई शक नहीं कि वह असल में