भगवान ने चाहा और इनसे रहते बना तो साल-दो-साल में आदमी बन जाएँगे।
'हाँ, जब इनसे रहते बने।'
'सिर पर आ पड़ती है, तो आदमी आप सँभल जाता है।'
'तो कब तक जाने का विचार है?'
'होली करके चला जाऊँगा। यहाँ खेती-बारी का सिलसिला फिर जमा दूँ, तो निश्चिंत हो जाऊँ।'
'होरी से कहो, अब बैठ के राम-राम करें।'
'कहता तो हूँ, लेकिन जब उनसे बैठा जाए।'
'वहाँ किसी बैद से तो तुम्हारी जान-पहचान होगी। खाँसी बहुत दिक कर रही है। हो सके तो कोई दवाई भेज देना।'
भगवान ने चाहा और इनसे रहते बना तो साल-दो-साल में आदमी बन जाएँगे।
'हाँ, जब इनसे रहते बने।'
'सिर पर आ पड़ती है, तो आदमी आप सँभल जाता है।'
'तो कब तक जाने का विचार है?'
'होली करके चला जाऊँगा। यहाँ खेती-बारी का सिलसिला फिर जमा दूँ, तो निश्चिंत हो जाऊँ।'
'होरी से कहो, अब बैठ के राम-राम करें।'
'कहता तो हूँ, लेकिन जब उनसे बैठा जाए।'
'वहाँ किसी बैद से तो तुम्हारी जान-पहचान होगी। खाँसी बहुत दिक कर रही है। हो सके तो कोई दवाई भेज देना।'