गोदान - Godan



भोला ने एक मिनट के बाद संकोच-भरे भाव से कहा - क्रोध में बेटा, आदमी अंधा हो जाता है। मैं तुम्हारी गोई खोल लाया था। उसे लेते जाना। यहाँ कौन खेती-बारी होती है।

'मैंने तो एक नई गोई ठीक कर ली है काका!'

'नहीं-नहीं, नई गोई ले कर क्या करोगे? इसे लेते जाओ।'

'तो मैं तुम्हारे रुपए भिजवा दूँगा।'

'रुपए कहीं बाहर थोड़े ही हैं बेटा, घर में ही तो हैं। बिरादरी का ढकोसला है, नहीं तुममें और हममें कौन भेद है? सच पूछो तो मुझे खुस होना चाहिए था कि झुनिया भले घर में है,


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भोला ने एक मिनट के बाद संकोच-भरे भाव से कहा - क्रोध में बेटा, आदमी अंधा हो जाता है। मैं तुम्हारी गोई खोल लाया था। उसे लेते जाना। यहाँ कौन खेती-बारी होती है।

'मैंने तो एक नई गोई ठीक कर ली है काका!'

'नहीं-नहीं, नई गोई ले कर क्या करोगे? इसे लेते जाओ।'

'तो मैं तुम्हारे रुपए भिजवा दूँगा।'

'रुपए कहीं बाहर थोड़े ही हैं बेटा, घर में ही तो हैं। बिरादरी का ढकोसला है, नहीं तुममें और हममें कौन भेद है? सच पूछो तो मुझे खुस होना चाहिए था कि झुनिया भले घर में है,


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