गोदान - Godan

लिख जाता है और असामी के हाथ में पाँच रुपए रख दिए जाते हैं तो वह चकरा कर पूछता है?

'यह तो पाँच ही हैं मालिक!'

'पाँच नहीं, दस हैं। घर जा कर गिनना।'

'नहीं सरकार, पाँच हैं।'

'एक रूपया नजराने का हुआ कि नहीं?'

'हाँ, सरकार!'

'एक तहरीर का?'

'हाँ, सरकार!'

'एक कागद का?'

'हाँ, सरकार।'

'एक दस्तूरी का?'

'हाँ, सरकार!'

'एक सूद का?'

'हाँ, सरकार!'

'पाँच नगद, दस हुए कि नहीं?'

'हाँ, सरकार! अब यह पाँचों मेरी ओर से रख लीजिए।'


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लिख जाता है और असामी के हाथ में पाँच रुपए रख दिए जाते हैं तो वह चकरा कर पूछता है?

'यह तो पाँच ही हैं मालिक!'

'पाँच नहीं, दस हैं। घर जा कर गिनना।'

'नहीं सरकार, पाँच हैं।'

'एक रूपया नजराने का हुआ कि नहीं?'

'हाँ, सरकार!'

'एक तहरीर का?'

'हाँ, सरकार!'

'एक कागद का?'

'हाँ, सरकार।'

'एक दस्तूरी का?'

'हाँ, सरकार!'

'एक सूद का?'

'हाँ, सरकार!'

'पाँच नगद, दस हुए कि नहीं?'

'हाँ, सरकार! अब यह पाँचों मेरी ओर से रख लीजिए।'


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