गोदान - Godan



उन दोनों का चिल्लाना सुन कर गोबर गुस्से से भरा हुआ आया और दोनों को दो-दो घूँसे जड़ दिए। दोनों रोती हुई निकल कर घर चली दीं। सिंचाई का काम रूक गया। इस पर पिता-पुत्र में एक झड़प हो गई।

होरी ने पूछा - पानी कौन चलाएगा? दौड़े-दौड़े गए, दोनों को भगा आए। अब जा कर मना क्यों नहीं लाते?

'तुम्हीं ने इन सबों को बिगाड़ रखा है।'

'इस तरह मारने से और निर्लज्ज हो जाएँगी।'

'दो जून खाना बंद कर दो, आप ठीक हो जायँ।'

'मैं उनका बाप हूँ, कसाई नहीं हूँ।'


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उन दोनों का चिल्लाना सुन कर गोबर गुस्से से भरा हुआ आया और दोनों को दो-दो घूँसे जड़ दिए। दोनों रोती हुई निकल कर घर चली दीं। सिंचाई का काम रूक गया। इस पर पिता-पुत्र में एक झड़प हो गई।

होरी ने पूछा - पानी कौन चलाएगा? दौड़े-दौड़े गए, दोनों को भगा आए। अब जा कर मना क्यों नहीं लाते?

'तुम्हीं ने इन सबों को बिगाड़ रखा है।'

'इस तरह मारने से और निर्लज्ज हो जाएँगी।'

'दो जून खाना बंद कर दो, आप ठीक हो जायँ।'

'मैं उनका बाप हूँ, कसाई नहीं हूँ।'


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