उठते हैं। कहाँ-कहाँ तुम्हारी रच्छा करता फिरूँगा। मैं तुम्हें सत्तर रुपए दिए जाता हूँ। दातादीन ले तो दे कर भरपाई लिखा देना। इसके ऊपर तुमने एक पैसा भी दिया, तो फिर मुझसे एक पैसा भी न पाओगे। मैं परदेस में इसलिए नहीं पड़ा हूँ कि तुम अपने को लुटवाते रहो और मैं कमा-कमा कर भरता रहूँ। मैं कल चला जाऊँगा, लेकिन इतना कहे देता हूँ, किसी से एक पैसा उधार मत लेना और किसी को कुछ मत देना। मँगरू, दुलारी, दातादीन - सभी से एक रूपया सैकड़े सूद कराना होगा।
उठते हैं। कहाँ-कहाँ तुम्हारी रच्छा करता फिरूँगा। मैं तुम्हें सत्तर रुपए दिए जाता हूँ। दातादीन ले तो दे कर भरपाई लिखा देना। इसके ऊपर तुमने एक पैसा भी दिया, तो फिर मुझसे एक पैसा भी न पाओगे। मैं परदेस में इसलिए नहीं पड़ा हूँ कि तुम अपने को लुटवाते रहो और मैं कमा-कमा कर भरता रहूँ। मैं कल चला जाऊँगा, लेकिन इतना कहे देता हूँ, किसी से एक पैसा उधार मत लेना और किसी को कुछ मत देना। मँगरू, दुलारी, दातादीन - सभी से एक रूपया सैकड़े सूद कराना होगा।