'पच्चीस हजार पर तो मान जाएँगे?'
'कोई आशा नहीं। वह साफ कह चुके हैं।'
'वह कह चुके हैं या आप कह रहे हैं?'
'आप मुझे झूठा समझते हैं?'
रायसाहब ने विनम्र स्वर में कहा - मैं आपको झूठा नहीं समझता, लेकिन इतना जरूर समझता हूँ कि आप चाहते, तो मुआमला हो जाता।'
'तो आपका खयाल है, मैंने समझौता नहीं होने दिया?'
'नहीं, यह मेरा मतलब नहीं है। मैं इतना ही कहना चाहता हूँ कि आप चाहते तो काम हो जाता और मैं इस झमेले में न पड़ता।'
'पच्चीस हजार पर तो मान जाएँगे?'
'कोई आशा नहीं। वह साफ कह चुके हैं।'
'वह कह चुके हैं या आप कह रहे हैं?'
'आप मुझे झूठा समझते हैं?'
रायसाहब ने विनम्र स्वर में कहा - मैं आपको झूठा नहीं समझता, लेकिन इतना जरूर समझता हूँ कि आप चाहते, तो मुआमला हो जाता।'
'तो आपका खयाल है, मैंने समझौता नहीं होने दिया?'
'नहीं, यह मेरा मतलब नहीं है। मैं इतना ही कहना चाहता हूँ कि आप चाहते तो काम हो जाता और मैं इस झमेले में न पड़ता।'