पीछे पंडित को भी तुमने भिरस्ट कर दिया। उसका धरम ले कर तुम्हें क्या मिला? अब तो वह भी मुझे न पूछेगा। लेकिन पूछे न पूछे, रहूँगी तो उसी के साथ। वह मुझे चाहे भूखों रखे, चाहे मार डाले, पर उसकी इतनी साँसत कराके कैसे छोड़ दूँ? मर जाऊँगी, पर हरजाई न बनूँगी। एक बार जिसने बाँह पकड़ ली, उसी की रहूँगी।
कलिया ने होठ चबा कर कहा - जाने दो राँड़ को। समझती है, वह इसका निबाह करेगा, मगर आज ही मार कर भगा न दे तो मुँह न दिखाऊँ।
भाइयों
पीछे पंडित को भी तुमने भिरस्ट कर दिया। उसका धरम ले कर तुम्हें क्या मिला? अब तो वह भी मुझे न पूछेगा। लेकिन पूछे न पूछे, रहूँगी तो उसी के साथ। वह मुझे चाहे भूखों रखे, चाहे मार डाले, पर उसकी इतनी साँसत कराके कैसे छोड़ दूँ? मर जाऊँगी, पर हरजाई न बनूँगी। एक बार जिसने बाँह पकड़ ली, उसी की रहूँगी।
कलिया ने होठ चबा कर कहा - जाने दो राँड़ को। समझती है, वह इसका निबाह करेगा, मगर आज ही मार कर भगा न दे तो मुँह न दिखाऊँ।
भाइयों